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शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025

"जीवन की सबसे बड़ी खुशी यह है कि आप अपने जीवन को अपने तरीके से जी सकते हैं।" - रामधारी सिंह दिनकर

 "जीवन की सबसे बड़ी खुशी यह है कि आप अपने जीवन को अपने तरीके से जी सकते हैं।" 


~ रामधारी सिंह दिनकर ~




सोमवार, 3 फ़रवरी 2025

सच है, विपत्ति जब आती है - रामधारी सिंह "दिनकर"

 ~ लेखक परिचय ~ 


 लेखक :-रामधारी सिंह "दिनकर"

रामधारी सिंह दिनकर एक महान कवि, लेखक और विद्वान थे, जिन्होंने हिंदी साहित्य में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनका जन्म 30 सितंबर 1908 को बिहार के सिमरिया में हुआ था। दिनकर जी ने अपनी कविताओं में भारतीय संस्कृति, इतिहास और समाज को व्यापक रूप से चित्रित किया है। उनकी कविताओं में देशभक्ति, सामाजिक न्याय और मानवता की भावना का सुंदर मेल देखने को मिलता है।

दिनकर जी की सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक "कुरुक्षेत्र" है, जिसमें उन्होंने महाभारत के युद्ध को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। इसके अलावा, उनकी अन्य प्रसिद्ध रचनाओं में "हुंकार", "सामधेनी", और "रश्मिरती" शामिल हैं।

दिनकर जी को उनके साहित्यिक योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्म विभूषण शामिल हैं। उनकी मृत्यु 24 अप्रैल 1974 को हुई थी, लेकिन उनकी रचनाएं आज भी हिंदी साहित्य की धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।



कविता

सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
शूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
काँटों में राह बनाते हैं।